पंचतंत्र की कहानियां: ब्राह्मण-कर्कटक कथा
किसी नगर में ब्रह्मदत्त नामक एक ब्राह्मण रहता था। एक बार किसी काम से उसे दूसरे गाँव जाना पड़ा। उसकी माँ ने कहा, “पुत्र, तुम अकेले मत जाओ। किसीको साथ ले लो।” ब्राह्मण ने कहा, ”माँ, इस रास्ते में कोई ऐसा डर नहीं है। मैं अकेला ही चला जाऊँगा।” फिर भी चलते समय उसकी माँ … Continue reading पंचतंत्र की कहानियां: ब्राह्मण-कर्कटक कथा
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