कविता

अनोखा दान

अपने बिखरे भावों का मैंगूँथ अटपटा सा यह हार।चली चढ़ाने उन चरणों पर,अपने हिय का संचित प्यार।। डर था कहीं उपस्थिति मेरी,उनकी कुछ घड़ियाँ बहुमूल्यनष्ट...

सार्वजनिक ज़िन्दगी

मैं होटल के तौलिया की तरहसार्वजनिक हो गया हूँक्या ख़ूब, खाओ और पोंछो,ज़रा सोचो,यह भी क्या ज़िन्दगी हैजो हमेशा दूसरों के जूठ से गीली...

अगर तुम्हें नींद नहीं आ रही

अगर तुम्हें नींद नहीं आ रहीतो मत करो कुछ ऐसाकि जो किसी तरह सोए हैं उनकी नींद हराम हो जाए हो सके तो बनो पहरुएदुःस्वप्नों...

हारमोनियम

पानी बहने और तारे चमकने की तरहएक कठिन संगीतहीन संसार मेंवह भी बजा कुछ देर तकवह कमरे के बीचोंबीच रखा थाउजाले मेंउसके कारण जानी...

औरत

वह औरतआकाश और पृथ्वी के बीचकब से कपड़े पछीट रही है, पछीट रही है शताब्दियों सेधूप के तार पर सुखा रही हैवह औरत आकाश और...

औरतें

कुछ औरतों ने अपनी इच्छा से कूदकर जान दी थीऐसा पुलिस के रिकॉर्ड में दर्ज हैऔर कुछ औरतें अपनी इच्छा से चिता में जलकर...

प्रचलित