कविता

अनुष्का ढौंडियाल की कवितायें

मेरी ज़िंदगी में प्रेम आता है,किसी आठ साल के शरारती बच्चे की तरहदरवाज़े की घन्टी बजा कर झट से भाग जाता हैप्रेम मेरी हथेलियों...

दीपाली अग्रवाल की कवितायें

बालों में लगे तेल की गंध है उनमेंदाग़ हैं जो पूरियाँ छोड़ते पड़े होंगेखुश्क हो गयी त्वचा उनकीसब्ज़ी काटते उंगली भी कट गई थीसो...

अर्जी

शक की कोई वजह नहीं हैमैं तो यों ही आपके शहर से गुजरताउन्नीसवीं सदी के उपन्यास का कोई पात्र हूँमेरी आँखें देखती हैं जिस...

विरासत

प्रेम मुझे विरासत मे मिला, मेरे पिता कराते थे माँ से बहुत प्रेम, मेरे बच्चे देखते हैं मुझे प्रेम में डूबे हुए उनकी माँ के...

प्रचलित