उदय प्रकाश

3 लेख

रचनाएँ

उदय प्रकाश की कविताएँ

डाकिया डाकियाहांफता हैधूल झाड़ता हैचाय के लिए मना करता है डाकियाअपनी चप्पलफिर अंगूठे में संभालकरफँसाता है और, मनीआर्डर के रुपयेगिनता है। वसंत रेल गाड़ी आती हैऔर बिना रुकेचली जाती...

जज साहब

नौ साल हो गए, उत्तरी दिल्ली के रोहिणी इलाके में तेरह साल तक रहने के बाद, अपना घर छोड़ कर, वैशाली की इस जज...

अर्जी

शक की कोई वजह नहीं हैमैं तो यों ही आपके शहर से गुजरताउन्नीसवीं सदी के उपन्यास का कोई पात्र हूँमेरी आँखें देखती हैं जिस...

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