अदम गोंडवी का जन्म 22 अक्टूबर 1947 को अट्टा परसपुर, गोंडा , उत्तर प्रदेश में हुआ था। उन्होंने हिंदी में कविता लिखी, जो हाशिए की जातियों, दलितों, गरीब लोगों की दुर्दशा को उजागर करती है। उन्होंने हिंदी में कविता लिखी, जो हाशिए की जातियों, दलितों, गरीब लोगों की दुर्दशा को उजागर करती है। एक गरीब किसान परिवार में जन्मे, हालाँकि, उनके पास काफी कृषि योग्य भूमि थी। गोंडवी की कविता सामाजिक टिप्पणी के लिए जानी जाती थी, जो भ्रष्ट राजनेताओं और प्रकृति में क्रांतिकारी विचारों के प्रति घृणा करती थी। दुष्यंत ने अपनी गजलों से शायरी की जिस नयी राजनीति की शुरुआत की थी, अदम ने उसे उस मुकाम तक पहुंचाने की कोशिश की है, जहां से एक-एक चीज बगैर किसी धुंधलके के पहचानी जा सके। यह अजीब इत्तफ़ाक भी है कि दोनों ने अपने-अपने जज़्बातों के इजहार के लिए ग़ज़ल का रास्ता चुना। अदम का असली नाम रामनाथ सिंह था। उनकी निपट गंवई अंदाज में महानगरीय चकाचौंध और चमकीली कविताई को हैरान कर देने वाली अदा सबसे जुदा और विलक्षण है।
उनकी प्रमुख रचनाएं हैं-
काव्य संग्रह- धरती की सतह पर, समय से मुठभेड़।
उन्हें 1998 में, मध्य प्रदेश सरकार ने उन्हें दुष्यंत कुमार पुरस्कार से सम्मानित किया। 2001 में उन्हें अवधी / हिंदी में उनके योगदान के लिए शहीद शोभा संस्थान द्वारा माटी रतन सम्मान से सम्मानित किया गया।