अमृतराय प्रेमचंद के छोटे बेटे थे। आपका जन्म 3 सितंबर 1921 को वाराणसी, उत्तर प्रदेश में हुआ। आप अपने पिता 'प्रेमचंद' की भाँति मूलतः कहानीकार व उपन्यासकार थे। उन्हें मुख्यतः अनुवादक व जीवनीकार के रूप में भी ख्याति मिली। इसके अतिरिक्त आपने व्यंग्य और समालोचक भी लिखीं। नाट्य-लेखन में भी सक्रिय रहे। अंग्रेजी, बंगला और हिन्दी पर समान अधिकार था।
उनकी प्रमुख रचनाएं हैं-
प्रमुख कृतियां: 'साहित्य में संयुक्त मोर्चा', 'सुबह का रंग', 'लाल धरती', 'नई समीक्षा', 'नागफनी का देश', 'हाथी के दांत', 'अग्निशिखा', 'फांसी के तख्ते से', 'कस्बे का एक दिन', 'गीली मिट्टी', 'कठघरे', 'जंगले', 'सहचिंतन', 'भटियाली', 'आधुनिक भावबोध की संज्ञा', 'बतरस', 'चतुरंग', 'सारंग' और 'धुआं'।
प्रेमचंद की जीवनी 'कलम का सिपाही' के लिए साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया।