अरुण कमल जी का जन्म 15 फरवरी 1954 को नासरीगंज, रोहतास, बिहार में हुआ था। उनका वास्तविक नाम 'अरुण कुमार' है। पेशे से वे पटना विश्वविद्यालय के अंग्रेजी विभाग में प्राध्यापक हैं। अरुण कमल साठोत्तरी लेखन का अराजक दौर चुक जाने के बाद सक्रिय प्रमुख कवियों में से एक हैं। कविता के अतिरिक्त अरुण कमल ने समय-समय पर आलोचनात्मक निबंध भी लिखे हैं, वक्तव्य दिये हैं एवं विभिन्न विषयों पर टिप्पणियाँ की हैं। उन्होंने अनुवाद कार्य भी किये हैं तथा लंबे समय तक वाम विचारधारा को फ़ैलाने वाली साहित्यिक पत्रिका आलोचना का संपादन भी किया है।
उनकी प्रमुख रचनाएं हैं-
कविता- अपनी केवल धार, सबूत, नये इलाके में, पुतली में संसार, मैं वो शंख महाशंख।
आलोचना- कविता और समय, गोलमेज।
साक्षात्कार- कथोपकथन
उन्हें भारत भूषण अग्रवाल स्मृति पुरस्कार 1980, सोवियत लैंड नेहरू पुरस्कार 1989, श्रीकांत वर्मा स्मृति पुरस्कार 1990, रघुवीर सहाय स्मृति पुरस्कार 1996, शमशेर सम्मान 1997 तथा साहित्य अकादमी पुरस्कार 1998 आदि सम्मानों से सम्मानित किया गया।