असगर वजाहत

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असग़र वजाहत हिंदी साहित्य के क्षेत्र में मुख्यत: साठोत्तरी पीढ़ी के बाद के महत्वपूर्ण कहानीकार एवं सिद्धहस्त नाटककार के रूप में मान्य हैं। उनका जन्म 5 जुलाई 1946 को फतेहपुर, उत्तर प्रदेश में हुआ था। मूलतः और प्रथमतः असग़र वजाहत कहानीकार हैं। कहानी के बाद उन्होंने गद्य साहित्य की लगभग सभी विधाओं में लेखन किया और अपने लिए हमेशा नए प्रतिमान बनाए। अपने लिए जिस भी विधा को उन्होंने चुना वहाँ हमेशा पहले दर्जे की रचना संभव हुई। असग़र वजाहत के लेखन में अनेक कहानी संग्रह, पाँच उपन्यास, आठ नाटक और कई अन्य रचनाएँ शामिल हैं। इनकी पहली कहानी 1964 के आसपास छपी थी तथा पहला कहानी संग्रह 'अंधेरे से' 1976 में आपातकाल के दौरान पंकज बिष्ट के साथ (संयुक्त रूप से) छपा था। उनकी प्रमुख रचनाएं हैं- कहानी संग्रह- अँधेरे से (पंकज बिष्ट के साथ संयुक्त संग्रह; भाषा प्रकाशन, नयी दिल्ली से), दिल्ली पहुँचना है, स्विमिंग पूल, सब कहाँ कुछ, मैं हिन्दू हूँ, मुश्किल काम, डेमोक्रेशिया, पिचासी कहानियाँ, भीड़तंत्र। चयनित कहानियों का संग्रह- 10 प्रतिनिधि कहानियाँ, मेरी प्रिय कहानियाँ, असग़र वजाहत : श्रेष्ठ कहानियाँ। नाटक- फ़िरंगी लौट आये, इन्ना की आवाज़, वीरगति, समिधा जिस लाहौर नहीं देख्या ओ जम्याइ नई, अकी, पाकिटमार रंगमंडल, असगर वजाहत के आठ नाटक। सबसे सस्ता गोश्त। उपन्यास- सात आसमान, पहर-दोपहर, कैसी आगी लगाई, बरखा रचाई, धरा अँकुराई। उपन्यासिका- मन-माटी। यात्रा वृत्तांत- चलते तो अच्छा था, पाकिस्तान का मतलब क्या, रास्ते की तलाश में, दो कदम पीछे भी। आलोचना- हिंदी-उर्दू की प्रगतिशील कविता। विविध- बूंद-बूंद (धारावाहिक),बाकरगंज के सैयद, सफाई गंदा काम है, ताकि देश में नमक रहे (निबंध), व्यावहारिक निर्देशिका : पटकथा लेखन। उन्हें 'श्रेष्ठ नाटककार' सम्मान (हिन्दी अकादमी द्वारा), 'आचार्य निरंजननाथ सम्मान', संगीत नाटक अकादमी सम्मान तथा हिन्दी अकादमी का सर्वोच्च शलाका सम्मान से सम्मानित किया गया।

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