अशोक वाजपेयी का जन्म 16 जनवरी 1941 को दुर्ग, छत्तीसगढ़ में हुआ था। वह भारतीय प्रशासनिक सेवा के एक पूर्वाधिकारी हैं, एक कवि के रूप में प्रसिद्ध हैं। वह महात्मा गांधी अन्तरराष्ट्रीय हिन्दी विश्वविद्यालय, वर्धा के कुलपति भी रह चुके हैं। वर्तमान में आप ललित कला अकादमी के अध्यक्ष हैं। भोपाल में भारत भवन की स्थापना में भी काफी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
उनकी प्रमुख काव्य संग्रह हैं-
शहर अब भी संभावना है, एक पतंग अनंत में, अगर इतने से, तत्पुरुष, कहीं नहीं वहीं, बहुरि अकेला, थोड़ी-सी जगह, घास में दुबका आकाश, आविन्यो, जो नहीं है, अभी कुछ और, समय के पास समय, कहीं कोई दरवाजा, दुःख चिट्ठीरसा है, पुनर्वसु, विवक्षा, कुछ रफू कुछ थिगड़े, इस नक्षत्रहीन समय में, कम से कम, हार-जीत।
'कहीं नहीं वहीं' काव्य संग्रह के लिए सन् 1994 में अशोक वाजपेयी को भारत सरकार द्वारा साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया।