अवतार सिंह संधू 'पाश' का जन्म 9 सितंबर 1950 में तलवंडी सलेम जिला जालंधर में हुआ था। उन्होंने महज 15 साल की उम्र से ही कविता लिखनी शुरू कर दी और उनकी कविताओं का पहला प्रकाशन 1967 में हुआ। उन्होंने सिआड, हेम ज्योति और हस्तलिखित हाक पत्रिका का संपादन किया। पाश 1985 में अमेरिका चले गए। उन्होंने वहां एंटी 47 पत्रिका का संपादन किया। पाश ने इस पत्रिका के जरिए खालिस्तानी आंदोलन के खिलाफ सशक्त प्रचार अभियान छेडा। पाश कविता के शुरुआती दौर से ही भाकपा से जुड गए। उनकी नक्सलवादी राजनीति से भी सहानुभूति थी। जाबी के इस महान कवि की महज 39 साल की उम्र में 23 मार्च 1988 को उनके ही गांव में खालिस्तानी आतंकवादियों ने गोली मारकर हत्या कर दी।
उनकी प्रमुख रचनाएं हैं-
लौहकथा (1970), उड्ड्दे बाजाँ मगर (1974), साडे समियाँ विच (1978), लड़ांगे साथी (1988), खिल्लरे होए वर्के (1989)।