धर्मवीर भारती

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धर्मवीर भारती का जन्म 25 दिसम्बर 1926 को इलाहाबाद, उत्तर प्रदेश में हुआ था। वह आधुनिक हिंदी साहित्य के प्रमुख लेखक, कवि, नाटककार और सामाजिक विचारक थे। वह साप्ताहिक पत्रिका ‘धर्मयुग’ के प्रधान संपादक भी रहे। आलोचकों में भारती जी को प्रेम और रोमांस का रचनाकार माना है। उनकी कविताओं, कहानियों और उपन्यासों में प्रेम और रोमांस का यह तत्व स्पष्ट रूप से मौजूद है। परंतु उसके साथ-साथ इतिहास और समकालीन स्थितियों पर भी उनकी पैनी दृष्टि रही है जिसके संकेत उनकी कविताओंं, कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, आलोचना तथा संपादकीयों में स्पष्ट देखे जा सकते हैं। उनका बल पूर्व और पश्चिम के मूल्यों, जीवन-शैली और मानसिकता के संतुलन पर है, वे न तो किसी एक का अंधा विरोध करते हैं न अंधा समर्थन, परंतु क्या स्वीकार करना और क्या त्यागना है इसके लिए व्यक्ति और समाज की प्रगति को ही आधार बनाना होगा। उनकी प्रमुख रचनाएं हैं- कहानी संग्रह : मुर्दों का गाँव, स्वर्ग और पृथ्वी, चाँद और टूटे हुए लोग, बंद गली का आखिरी मकान, साँस की कलम से, समस्त कहानियाँ एक साथ काव्य रचनाएं : ठंडा लोहा(1952), सात गीत वर्ष(1959), कनुप्रिया(1959) सपना अभी भी(1993), आद्यन्त(1999),देशांतर(1960) उपन्यास: गुनाहों का देवता, सूरज का सातवां घोड़ा, ग्यारह सपनों का देश, प्रारंभ व समापन निबंध : ठेले पर हिमालय, पश्यंती एकांकी व नाटक : नदी प्यासी थी, नीली झील, आवाज़ का नीलाम आदि पद्य नाटक : अंधा युग आलोचना : प्रगतिवाद : एक समीक्षा, मानव मूल्य और साहित्य। उन्हें सर्वश्रेष्ठ नाटककार पुरस्कार संगीत नाटक अकादमी दिल्ली, भारत भारती पुरस्कार उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान तथा 1972 में में पद्मश्री से सम्मानित किया गया।

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