1 जनवरी 1937 को जन्मे काशीनाथ सिंह हिन्दी साहित्य के प्रमुख कहानीकार, उपन्यासकार और संस्मरण लेखक हैं। काशीनाथ सिंह की शिक्षा-दीक्षा बनारस से ही हुई तथा बाद में उन्होंने लंबे समय तक काशी हिंदू विश्वविद्यालय में हिन्दी साहित्य के प्रोफेसर के रूप में अध्यापन कार्य किया। इनकी रचनाएं हैं:-
कहानी संग्रह- लोग बिस्तरों पर 1968, सुबह का डर 1975, आदमीनामा 1978, नयी तारीख 1979, कल की फटेहाल कहानियाँ 1980, प्रतिनिधि कहानियाँ 1984, सदी का सबसे बड़ा आदमी 1986, 10 प्रतिनिधि कहानियाँ 1994, कहनी उपखान (सम्पूर्ण कहानियाँ) - 2003 (राजकमल प्रकाशन, नयी दिल्ली से), संकलित कहानियाँ 2008, कविता की नयी तारीख 2010, खरोंच 2014 (साहित्य भंडार, चाहचंद रोड, इलाहाबाद से),
उपन्यास संग्रह:- अपना मोर्चा - 1972, काशी का अस्सी - 2002, रेहन पर रग्घू - 2008,महुआ चरित - 2012, उपसंहार - 2014,
संस्मरण - याद हो कि न याद हो -1992, आछे दिन पाछे गए - 2004, घर का जोगी जोगड़ा -2006 आदि।
काशीनाथ सिंह जी को सन् 2011 में रेहन पर रग्घू (उपन्यास) के लिए साहित्य अकादमी पुरस्कार प्रदान किया गया।