माखनलाल चतुर्वेदी का 04 अप्रैल 1889 को जन्म बावई, होशंगाबाद, मध्य प्रदेश में हुआ था। भारत के ख्यातिप्राप्त कवि, लेखक और पत्रकार थे जिनकी रचनाएँ अत्यंत लोकप्रिय हुईं। सरल भाषा और ओजपूर्ण भावनाओं के वे अनूठे हिंदी रचनाकार थे। प्रभा और कर्मवीर जैसे प्रतिष्ठत पत्रों के संपादक के रूप में उन्होंने ब्रिटिश शासन के खिलाफ जोरदार प्रचार किया और नई पीढ़ी का आह्वान किया कि वह गुलामी की जंज़ीरों को तोड़ कर बाहर आए। इसके लिये उन्हें अनेक बार ब्रिटिश साम्राज्य का कोपभाजन बनना पड़ा। राष्ट्रीयता इनके काव्य का कलेवर है तथा रहस्यात्मक प्रेम उसकी आत्मा। इनका उपनाम एक भारतीय आत्मा है।
उनकी प्रमुख रचनाएं हैं- 'कृष्णार्जुन युद्ध', 'हिमकिरीटिनी', 'साहित्य देवता', 'हिमतरंगिनी', 'माता', 'युगचरण', 'समर्पण', 'वेणु लो गूँजे धरा', 'अमीर इरादे', 'गरीब इरादे' आदि।
'हिम-तरंगिनी पर उन्हें साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया। 30 जनवरी 1968 को इनका निधन हो गया।