मंजूर एहतेशाम

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मंजूर एहतेशाम का जन्म 3 अप्रैल 1948 को भोपाल में हुआ था। वह हमारे समय के अत्यन्त महत्त्वपूर्ण कथाकार हैं। उनकी खासियत यह है कि उनकी रचनाएं किसी चमत्कार के लिए व्यग्र नहीं दिखतीं, बल्कि वे अनेक अन्तर्विरोधों और त्रासदियों के बावजूद 'चमत्कार की तरह बचे जीवन' का आख्यान रचती हैं। मंजूर एहतेशाम मध्यवर्गीय भारतीय समाज के द्वन्द्वात्मक यथार्थ को उल्लेखनीय शिल्प में अभिव्यक्त करने वाले कथाकार हैं। परिचित यथार्थ के अदेखे कोनों-अंतरों को अपनी रचनाशीलता से अदूभुत कहानी में बदल देते हैं। मध्यवर्गीय मुस्लिम समाज मंजूर एहतेशाम की कहानियों में अपनी समूची चिंता, चेतना और प्रमाणिकता के साथ प्रकट होता रहा है. स्थानीयता उनके कथानक का स्वभाव है और व्यापक मनुष्यता उनका निष्कर्ष है। उनकी प्रमुख रचनाएं हैं- पहली कहानी रमज़ान में मौत 1973 में और पहला उपन्यास कुछ दिन और 1976 में प्रकाशित। उपन्यास: कुछ दिन और, सूखा बरगद, दास्तान-ए-लापता, पहर ढलते, बशारत मंज़िल; कहानी-संग्रह: तसबीह, तमाशा तथा अन्य कहानियाँ; नाटक: एक था बादशाह (सह-लेखक सत्येन कुमार)। उन्हें दास्तान-ए-लापता (उपन्यास) पर वीरसिंह देव पुरस्कार, तसबीह (कथा-संग्रह) पर वागीश्वरी पुरस्कार तथा 1995 में समग्र लेखन पर पहल सम्मान, 2003 में राष्ट्रीय सम्मान ‘पद्मश्री’ से अलंकृत किया गया।

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