मोहन राकेश का जन्म 8 जनवरी1925 को हुआ था। वह 'नई कहानी आन्दोलन' के साहित्यकार थे। कुछ वर्षों तक उन्होंने कुछ वर्षो तक 'सारिका' का संपादन किया। उनके नाटक में आधुनिक परिवेश का चित्र दिखाई देता है। उनकी प्रमुख कृतियाँ हैं-
उपन्यास- अंधेरे बंद कमरे, अन्तराल, न आने वाला कल।
नाटक- आषाढ़ का एक दिन, लहरों के राजहंस, आधे अधूरे, पैैैर तले की जमीन (अधूरा, कमलेश्वर ने पूरा किया) ।
एकांकी- अण्डे के छिलके।
कहानी संग्रह- क्वार्टर तथा अन्य कहानियाँ, पहचान तथा अन्य कहानियाँ, वारिस तथा अन्य कहानियाँ।
निबंध संग्रह- परिवेश।
अनुवाद- मृच्छकटिक, शाकुंतलम।
यात्रा वृताँत- आखिरी चट्टान तक।
मोहन राकेश को 'संगीत नाटक अकादमी' से सम्मानित किया गया।