नरेन्द्र कोहली का जन्म 6 जनवरी 1940, सियालकोट ( अब पाकिस्तान ) में हुआ था। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से 1963 में एम.ए. और 1970 में पीएच.डी. की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने साहित्य के सभी प्रमुख विधाओं (यथा उपन्यास, व्यंग्य, नाटक, कहानी) एवं गौण विधाओं (यथा संस्मरण, निबंध, पत्र आदि) और आलोचनात्मक साहित्य में अपनी लेखनी चलाई है। पौराणिक एवं ऐतिहासिक चरित्रों की गुत्थियों को सुलझाते हुए उनके माध्यम से आधुनिक सामाज की समस्याओं एवं उनके समाधान को समाज के समक्ष प्रस्तुत करना कोहली की अन्यतम विशेषता है।
इनकी प्रमुख रचनाएं हैं- पुनरारंभ- 1972, आतंक - 1972, आश्रितों का विद्रोह-1973, साथ सहा गया दुख -1974, मेरा अपना संसार-1975, दीक्षा - 1975, अवसर -1976, जंगल की कहानी -1977, संघर्ष की ओर - 1978, युद्ध ( दो भाग)-1979, अभिज्ञान - 1981, आत्मदान- 1983, प्रीतिकथा-1986, बंधन ( महासमर-1 ) -1988, अभ्युदय ( दो खंड ) -1989, अधिकार ( महासमर-2 ) - 1990, कर्म (महासमर-3) -1991, निर्माण ( तोड़ो कारा तोड़ो-1) -1992, साधना (तोड़ो कारा तोड़ो-2)-1993, धर्म (महासमर-4 ) -1993, क्षमा करना जीजी - 1995, अंतराल ( महासमर-5 ) -1995, प्रच्छन्न ( महासमर-6 ) -1997, प्रत्यक्ष ( महासमर -7 )-1998
नरेंद्र कोहली जी को अनेक साहित्यिक पुरस्कार मिले। 2017 में उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया गया।