पुरुषोत्तम लक्षमण देशपाण्डे

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पुरुषोत्तम लक्षमण देशपाण्डे का जन्म 8 नवम्बर 1919 को हुआ था। उनके परिवार की एक गौरवमयी साहित्यिक विरासत थी, उनके दादा ने रवीन्द्रनाथ ठाकुर की गीतांजलि का मराठी में अनुवाद किया था। उनकी आरम्भिक शिक्षा मुंबई के पार्ले तिलक स्कूल से हुई। हाई स्कूल के बाद उन्होंने एलएलबी के लिए इस्मेल युसुफ कॉलेज में प्रवेश लिया था। 1950 में एमए की डिग्री पुणे के फार्गुसन कॉलेज से ली थी। उन्होंने भास्कर संगीतालय के दत्तोपन राजोपाध्याय से हारमोनियम बजाने में भी शिक्षा ली थी। वह लोकप्रिय मराठी लेखक, नाटककार, हास्यकार, अभिनेता, कथाकार और पटकथाकार, फिल्म निर्देशक और संगीतकार एवं गायक थे। उन्हें "महाराष्ट्राचे लाडके व्यक्तिमत्त्व" (महाराष्ट्र का लाड़ला व्यक्तित्व) कहा जाता है। महाराष्ट्र में उन्हें प्रेम से पु. ल. कहा जाता है। उन्होंने अनेक वर्षों तक अध्यापन भी किया। ‘दूरदर्शन’ की स्थापना के समय उसके साथ संबद्ध रहे। देशपाण्डे की मशहूर मराठी फिल्म कुबेर, भाग्यरेखा, वंदे मातरम थी। देशपाण्डे ने 'भाड्याने देणे अहे', 'मानाचे पान' में पटकथा और संवाद भी लिखा था। उन्हें भारत सरकार द्वारा सन 1990 में कला के क्षेत्र में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था। साथ ही पुण्यभूषण, महाराष्ट्र्र गौरव, पद्मश्री, साहित्य अकादेमी सम्मान, संगीत नाटक अकादेमी सम्मान, संगीत नाटक अकादेमी फैलोशिप, महाराष्ट्र भूषण सम्मान, कालिदास सम्मान आदि अनेक सम्मानों से अलंकृत हुए।

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