क़तील शिफ़ाई का जन्म 1919 में ब्रिटिश भारत (अब पाकिस्तान) में मुहम्मद औरंगजेब के रूप में हुआ. उन्होंने 1938 में 'क़तील शिफ़ाई' को अपने कलम नाम के रूप में अपनाया, जिसके तहत उन्हें उर्दू शायरी की दुनिया में जाना जाता था। "क़तील" उनका "तख़ल्लुस" था और "शिफ़ाई" उनके उस्ताद (शिक्षक) हकीम मोहम्मद याहया शिफ़ा ख़ानपुरी के सम्मान में था, जिसे वे अपना गुरु मानते थे।