रामदरश मिश्र
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रामदरश मिश्र का जन्म 15 अगस्त 1924 को ग्राम डुमरी, जिला गोरखपुर में हुआ था। ये जितने समर्थ कवि हैं उतने ही समर्थ उपन्यासकार और कहानीकार भी। इनकी लंबी साहित्य-यात्रा समय के कई मोड़ों से गुजरी है और नित्य नूतनता की छवि को प्राप्त होती गई है। ये किसी वाद के कृत्रिम दबाव में नहीं आये बल्कि उन्होंने अपनी वस्तु और शिल्प दोनों को सहज ही परिवर्तित होने दिया। अपने परिवेशगत अनुभवों एवं सोच को सृजन में उतारते हुए, उन्होंने गाँव की मिट्टी, सादगी और मूल्यधर्मिता को अपनी रचनाओं में व्याप्त होने दिया जो उनके व्यक्तित्व की पहचान भी है। गीत, नई कविता, छोटी कविता, लंबी कविता यानी कि कविता की कई शैलियों में उनकी सर्जनात्मक प्रतिभा ने अपनी प्रभावशाली अभिव्यक्ति के साथ-साथ गजल में भी उन्होंने अपनी सार्थक उपस्थिति रेखांकित की। इसके अतिरक्त उपन्यास, कहानी, संस्मरण, यात्रावृत्तांत, डायरी, निबंध आदि सभी विधाओं में उनका साहित्यिक योगदान बहुमूल्य है।
उनकी प्रमुख रचनाएं हैं-
उपन्यास : पानी के प्राचीर, जल टूटता हुआ, बीच का समय, सूखता हुआ तालाब, अपने लोग, रात का सफर, आकाश की छत, आदिम राग (बीच का समय), बिना दरवाजे का मकान, दूसरा घर, थकी हुई सुबह, बीस बरस, परिवार।
कहानी-संग्रह : खाली घर, एक वह, दिनचर्या, सर्पदंश, वसन्त का एक दिन, इकसठ कहानियां, अपने लिए, मेरी प्रिय कहानियां, चर्चित कहानियां, श्रेष्ठ आंचलिक कहानियां, आज का दिन भी, फिर कब आयेंगे?, एक कहानी लगातार, विदूषक, दिन के साथ, दस प्रतिनिधि कहानियां, मेरी तेरह कहानियां, विरासत।
काव्य-संग्रह : पथ के गीत, बैरंग-बेनाम चिट्ठियां, पक गई है धूप, कंधे पर सूरज, दिन एक नदी बन गया, मेरे प्रिय गीत, हँसी ओठ पर आंखें नम हैं, जुलूस कहां जा रहा है?, रामदरश मिश्र की प्रतिनिधि कविताएं, आग कुछ नहीं बोलती, शब्द शेतु, बारिश में भीगते बच्चे, ऐसे में जब कभी, बाजार को निकले हैं लोग, आम के पत्ते, तू ही बता ऐ जिंदगी।
ललित निबंध-संग्रह : कितने बजे, बबूल और कैक्टस, छोटे छोटे सुख, घर-परिवेश।
यात्रा-वर्णन : तना फिर इन्द्रधनुष, भोर का सपना, पड़ोस की खुशबू।
आत्मकथा : सहचर है समय, फुरसत के दिन। संस्मरण : स्मृतियों के छन्द, अपने अपने रास्ते, एक दुनिया अपनी। चुनी हुई रचनाएं : बूंद-बूंद नदी, दर्द की हँसी, नदी बहती है। अन्य : कच्चे रास्तों का सफर, एक औरत एक जिन्दगी।
उन्हें दयावती मोदी कवि शेखर सम्मान, दिल्ली हिन्दी अकादमी शलाका एवं साहित्यकार सम्मान, उत्तरप्रदेश हिन्दी संस्थान लखनऊ द्वारा साहित्यभूषण सम्मान, हिन्दी साहित्य सम्मेलन प्रयाग द्वारा साहित्य वाचस्पति, ऑल इंडिया कॉन्फ्रेन्स ऑफ इंटलेक्चुअल्स आगरा द्वारा डॉ. रामविलास शर्मा साहित्य सम्मान केन्द्रीय हिन्दी संस्थान द्वारा महापंडित राहुल सांकृत्यायन सम्मान और साहित्य अकादमी सम्मान से सम्मानित किया गया।
