सुदर्शन वशिष्ठ
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सुदर्शन वशिष्ठ का जन्म 24 सितंबर 1949 को पालमपुर, हिमाचल प्रदेश में हुआ था। कवि सुदर्शन वशिष्ठ ने आदमी के व्यवहार और व्यक्तित्व को गहराई से देखा, सुना और समझा है। अपने इसी अनुभव को उन्होंने कविताओं के जरिए पिरोया है।
उनकी प्रमुख रचनाएं हैं-
नौ कहानी संग्रह: (अन्तरालों में घटता समय, सेमल के फूल, पिंजरा, हरे हरे पत्तों का घर, संता पुराण, कतरनें, वसीयत, नेत्र दान तथा लघु कथा संग्रह: पहाड़ पर कटहल)।
चुनींदा कहानियों के चार संग्रह:
(गेट संस्कृति, विशिष्ट कहानियाँ, माणस गन्ध, इकतीस कहानियाँ)।
दो लघु उपन्यास: (आतंक, सुबह की नींद)।
दो नाटक: ( अर्द्ध रात्रि का सूर्य, नदी और रेत)।
एक व्यंग्य संग्रह: संत होने से पहले।
चार काव्य संकलन: युग परिवर्तन, अनकहा, जो देख रहा हूं, सिंदूरी सांझ और खामोश आदमी।
संस्कृति शोध तथा यात्रा पुस्तकें:
ब्राह्मणत्वःएक उपाधिःजाति नहीं, व्यास की धरा, कैलास पर चांदनी, पर्वत से पर्वत तक, रंग बदलते पर्वत, पर्वत मन्थन, पुराण गाथा, हिमाचल, हिमालय में देव संस्कृति, स्वाधीनता संग्राम और हिमाचल, कथा और कथा, हिमाचल की लोक कथाएं, हिमाचली लोक कथा, लाहौल स्पिति के मठ मंदिर, हिमाचल प्रदेश के दर्शनीय स्थल, पहाड़ी चित्रकला एवं वास्तुकला, हिमाचल प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर।
हिमाचल की संस्कृति पर छः खण्डों में ‘‘हिमालय गाथा‘‘ श्रृंखला:देव परम्परा, पर्व उत्सव, जनजाति संस्कृति, समाज-संस्कृति, लोक वार्ता तथा इतिहास।
सम्पादन: दो काव्य संकलन: (विपाशा, समय के तेवर) ; पांच कहानी संग्रह: (खुलते अमलतास, घाटियों की गन्ध, दो उंगलियाँ और दुष्चक्र, काले हाथ और लपटें, पहाड़ गाथा)। कुल मिलाकर सवा सौ पुस्तकों का लेखन व संपादन।
हिमाचल कला संस्कृति भाषा अकादमी द्वारा ''शिखर सम्मान-2016, प्रथम हिमाचल अकादमी पुरस्कार 1983, साहित्य कला परिषद् दिल्ली प्रशासन द्वारा नदी और रेत नाटक (पांडुलिपि) पुरस्कृत 1982, हिमाचल आर्ट एंड कल्चर सोसाइटी मंडी द्वारा पुरस्कृत 1982, ऑल इंडिया आर्टिस्ट एसोसिएशन द्वारा पीपुल्स अवार्ड 1986, हिमोत्कर्ष ऊना हिमाचल प्रदेश द्वारा सर्वश्रेष्ठ साहित्यकार पुरस्कार 1989–90, हिमकला संगम बिलासपुर हिमाचल प्रदेश द्वारा सम्मान 1997, हिम साहित्य परिषद मंडी हिमाचल प्रदेश द्वारा राज्यस्तरीय सम्मान 1998, कहानी लेखन महाविद्यालय अंबाला द्वारा सम्मानित 1995, साहित्य कला परिषद् कुल्लू द्वारा सम्मान 1999, सिरमौर कला संगम द्वारा डॉ परमार पुरस्कार 2006, हिमाचल अकादमी द्वारा कविता पुरस्कार घोषित 2007 आदि अनेक सम्मानों से सम्मानित किया गया।
