विष्णु खरे का जन्म 2 फरवरी 1940 को हुआ था। वह एक भारतीय कवि, अनुवादक, साहित्यकार तथा फ़िल्म समीक्षक, पत्रकार व पटकथा लेखक थे।1963 ईसवी में इन्होंने इंदौर के क्रिश्चियन कालेज से अंग्रेजी साहित्य में परस्नातक की उपाधि प्राप्त की. एम. ए. करने के बाद विष्णु खरे ने दैनिक समाचार, इंदौर समाचार में 1962-1963 के मध्य उप संपादक के रूप में अपनी सेवाओं को दिया और यहीं से विष्णु खरे ने पत्रकारिता की दुनिया में अपना कदम रखा।
उनकी प्रमुख रचनाएं हैं-
ख़ुद अपनी आँख से, पिछला बाक़ी, सब की आवाज़ के पर्दे में, काल और अवधि के दरमियान, लालटेन जलाना।
उन्हें फ़िनलैंड का राष्ट्रीय 'नाइट ऑफ दि व्हाइट रोज़' सम्मान, शिखर सम्मान, हिन्दी अकादमी, दिल्ली का साहित्य सम्मान, रघुवीरसहाय सम्मान तथा मैथिलीशरण गुप्त सम्मान से सम्मानित किया गया।